निरंजन श्रोत्रिय की कवितायें
निरंजन श्रोत्रिय हिंदी कविता में एक सुपरिचित नाम हैं. निजी जीवन की सहज अनुभूतियों को कविता में गहन आवेग के साथ प्रस्तुति की उनकी खासियत को बहुधा लक्षित किया गया है. गुना जैसे छोटे से शहर में रहते हुए उन्होंने कस्बाई जीवन, वहां की सामाजिक-सांस्कृतिक विसंगतियों तथा विद्रूपताओं और राष्ट्रीय - अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के साथ उसके गहन अंतर्संबंधो की गहन पड़ताल की है और उसे कविता में संभव भी किया है. आज उनकी कुछ नई-पुरानी कवितायें अपनी एक मूर्ति बनाता हूँ और ढहाता हूँ आप कहते हैं कि कविता की है। ...