पंजाबी कवि गुरप्रीत की कुछ कविताएँ
असुविधा पर आप भाई जगजीत सिद्धू के मार्फ़त पहले भी कुछ पंजाबी कवियों को पढ़ चुके हैं, इस बार पढ़िए वरिष्ठ कवि गुरप्रीत की कुछ कवितायें गुरप्रीत पंजाब के एक ऐसे कवि है जिनकी कवितायों के विषय भी उनकी भाषा की तरह सरल और जिन्दगी से जुड़े होते है .उनकी अब तक तीन किताबे प्रकाशित हो चुकी हैं 'शब्दों की मर्ज़ी ", "अकारण " " सियाही घुली है ". बहुत गहरे अर्थ छोडती हुई गुरप्रीत की कवितायों में एक आम आदमी की रोजमर्रा जिन्दगी की बाते बहुत ही सरल और सादे ढंग से व्यक्त हैं ... जैसे कविता " बिका हुआ मकान और वह चिड़िया " कवि के बिके हुए मकान को खाली करते वक़्त उसकी और उसके घरवालो की मन की स्थिति को व्यक्त करती है जगजीत सिद्धू गुरप्रीत की कविताएं पत्थर एक दिन पूछता हूँ नदी किनारे पड़े पत्थर से बनना चाहोगे किसी कलाकार के हाथों एक कलाकृत फिर र...